अंतर्राष्ट्रीय महिला दिन

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                                             अंतर्राष्ट्रीय महिला दिन

आज के इस आधुनिक युग में नारी शक्ति को हर क्षेत्र में स्थान दिया जा रहा है | कानून व्यवस्था एवं सरकार भी उन्हें सुरक्षा सहयोग दे रहा है | यह बाहरी विकास के साथ साथ उन्हें आतंरिक विकास की अति आवश्यकता है | उक्त उदगार प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवाकेंद्र सावनेर की संचालिका ब्रह्माकुमारी सुरेखा दीदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिन के उपलक्ष्य में उच्चारे है |

कार्यक्रम में सावनेर तहसील की जाने माने डॉ प्राची भगत ने कहा की बेटा और बेटी एक ही सिक्के के दो पहलू है | आज के समय एक बेटी विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ते नजर आ रही है तो फिर यह लिंग भेद क्यूँ ?यह एक परंपरा से चली आ रही गलत रीती है और आज हम सबको मिलकर यह रिवाज खत्म करना है उसके लिए सभी महिलाओं को एकमत होकर कार्य करना है |

लोकमत सखी मंच एवम बाल विकास मंच संयोजिका ज्योति पारधी इन्होने अपनी कविता के द्वारा उपस्थित महिलाओं को सबला बनने का सन्देश दिया

इस निमित्य बेटी बचाओ के ऊपर एक ड्रामा रखा गया | विद्यालय के द्वारा डिश डेकोरेशन कम्पटीशन और साथ में आनंद मेले का भी प्रयोजन किया गया | इस कार्यक्रम का हजारो माता बहनों ने लाभ लिया |

deep prajwalan

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