अलौकिक समर्पण स्वागत समारोह – सावनेर @ 17-02-19

Spread the love

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की और से सावनेर में दिव्य अलौकिक स्वागत समारोह का आयोजन किया  गया जिसमे कलकत्ता से कानन दीदी और  नागपुर  से रजनी दीदी और भी बड़ी बहने उपस्थित थी |

रजनी दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा की कन्या जब जन्म लेती है तो माता पिता उसको शारीरिक , मानसिक और भौतिक रीती से पक्का तो करते ही है लेकिन उनके बुद्धि में तो रहता ही है की बेटी तो पराया धन है और यह तो दूसरों की अमानत है और उसको एक न एक दिन दूसरों के घर जाना है और उसके मन के ऊपर भी यह बात प्रतिबिंबित की जाती है | समाज में एक कन्या को अपना जीवन एक देहधारी व्यक्ति के साथ बीतना पड़ता है इसलिए उसकी शादी की जाती है इसी को  समाज कन्यादान कहता है | लेकिन इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अन्दर विश्व सेवा अर्थ ईश्वर पर समर्पण स्व ख़ुशी से किया जाता है इसके लिए कन्या के माता पिता भी स्वीकृति देते है और विधिवत उस कन्या का समर्पण किया जाता है |

कलकत्ता के कानन दीदी ने कहा की समाज के लोगों को यह प्रश्न पड़ता होगा की इस कन्याओं ने सन्यास तो ले लिया लेकिन इनको रोटी कपडा कैसे मिलता होगा ? उन्होंने इस बात को क्लियर करते हुए  कहा की  इन कन्याओं ने जो जीवन दिया वो किसी देहधारी इन्सान को नहीं बल्कि ईश्वर को समर्पित किया है इसलिए उनके जीवन का रखवाला खुद इश्वर है |

कार्यक्रम में उपस्थित सावनेर नगर परिषद् के उपाध्यक्ष अरविन्द लोधी ने कहा की मुजे ये जानकर आश्चर्य हुवा की इतनी छोटी उम्र में ये कन्याये इस ईश्वर के कार्य में समर्पित होती है और उनके माता पिता भी इनको स्वेच्छा से स्वीकृति देते है | धन्य है ये बहने और उनके माता पिता की जिन्होंने विश्व कल्याण के कार्य में अपने जीवन का सहयोग दिया |

कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ महाप्रसाद का भी वितरण हुवा   |