सम्मान नारित्वाचा

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१८ वी सदी में महाराष्ट्रात महिला शिक्षण और समाज परिवर्तन का महत्वपूर्ण कार्य करने वाली क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले इनका सावनेर में तालुका प्रशासकीय इमारत के परिसर कार्यालय में पुतला बनाया गया. सावनेर कल्मेश्वर विधानसभा क्षेत्र के आमदार (MLA) सुनील केदार इनके हस्तों से पुतले का अनावरण हुवा . महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले युगल १८ वि सदी में समाज का विरोध स्वीकार करते हुए स्त्री शिक्षण के कार्य से जाने जाते है सातारा जिले मर नायगांव में सावित्रीबाई फुले इनका जन्म हुवा. महिलाओं का आत्मसम्मान बढ़ाना जरुरी है ये सावित्रीबाई ने पहचाना उसके बाद महाराष्ट्र में महिला शिक्षण के आरम्भ में उनके पति ज्योतिबा फुले के साथ बड़ा महत्वपूर्ण कार्य किया…

इस मौके पर हजारों महिलाओं ने सहभाग लिया. आमदार सुनील केदार ने सावित्रीबाई फुले के पुतले को शतशः नमन करते हुए उनके बताये हुए मार्गदर्शन व् शिक्षण के कारन आज महिला शिक्षण व् समाज के प्रगति में योगदान दे रहे है ऐसा वक्तव्य किया. साथ ही साथ समाज सुधारना में जो महिलाये अपना योगदान दे रही है उनको MLA के हस्ते सन्मानित किया गया .

इन महिलाओं में ब्रह्मकुमारिज सावनेर की संचालिका ब्रह्माकुमारी सुरेखा बहन का भी शाल , श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सन्मान हुवा….