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Sarswat Central Public school – Savner
शिक्षक समाज के शिल्पकार होते है -भगवान भाई
सावनेर 30 अक्तूबर
बिगड़ती परिस्थिति को देखते हुए समाज को सुधारने की बहुत आवश्यकता हैं । शिक्षक वही है जो अपने जीवन की धारणाओं से दूसरों को शिक्षा देता है । स्वयं की धारणाओं से वाणी, कर्म, व्यवहार और व्यक्तित्व में निखार आ जाता है। शिक्षक शिल्पकार है आदर्श शिक्षक आदर्श समाज का निर्माण कर सकता है | उक्त उदगार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंट आबू से पधारे हुए बी के भगवान भाई जी ने कहे | वे सारस्वत सेंट्रल पब्लिक स्कुल , अजनी के शिक्षक को नैतिक शिक्षा वर्तमान में महत्व और बच्चो को संस्कारित बनाने का शिक्षक की भूमिका विषय पर बोल रहे थे |
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हाव भाव उठना, बोलना, चलना, व्यवहार करना इन बातो का असर भी बच्चों के जीवन में पडता है । उन्होंने कहा कि अब समाज को शिक्षित करने व शिक्षा देने के स्वरूप को बदलने की आवश्यकता है | उन्होंने कहा कि एक दीपक से पूरा कमरा प्रकाशमान होता है तो क्या पूरे जिले को मूल्य निष्ठ शिक्षा से प्रकाशित हम सब मिलकर नहीं कर सकते हैं? अब आवश्यकता है सेवाभाव की । उन्होंने कहा कि स्वयं के आचारण से शिक्षा देने की आवश्यकता है | आचरण की शिक्षा जबान में भी तेज होती है ।
प्रिंसीपल शिमला सिंह जी ने कहा कि परिवर्तन करने की जिम्मेवारी शिक्षकों की है, शिक्षकों को स्वयं को आचरण पर ध्यान देने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान के साथ साथ तनाव मुक्त रहने की भी आवश्यकता है । उन्हेांने बह्मकुमारी द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान की सराहना की ।
डायरेक्टर योगेश्वर सिंह जी ने अपना उद्बोधन देते हुए कहा कि वर्तमान में आदर्श शिक्षक को कि आवश्यकता है जो समाज का अंधकार मिटा सके |
बी के विनोद भाई जी ने ब्रह्माकुमारी सस्था का परिचय देते हुए कहा यह सस्था अन्तराष्ट्रीय सस्था है जहा स्वयम का परिचय , परमात्मा का परिचय संसार चक्र का ज्ञान दिया जाता है और कहा कि इस ज्ञान द्वारा आपसी भाईचारा, मानवी मूल्य आते |
कार्यक्रम में बी के महेश भाई , सभी शिक्षक स्टाफ मेम्बर्स भी उपस्थित थे |
कार्यक्रम के अंत में मेडिटेशन भी कराया गया |
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सम्मान
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को 100 साल पूरे होने के उपलक्ष मे उनके मण्डल ने एक भव्य रैली का नियोजन किया है जिसमे अलग अलग गाव से भजन मण्डल आए हुए थे
उसी रैली मे ब्रह्माकुमारिज सावनेर सेवाकेन्द्र की भी कलश यात्रा का सहभाग था तद पश्चात इस भव्य रैली का समापन सावनेर के प्रसंग हाल मे हूवा जहा सावनेर सेवाकेन्द्र की संचालिका आदरणीय सुरेखा दीदी का Rashtriya Swayamsevak Sangh (आरएसएस) द्वारा सम्मान किया गया।
यह कार्यक्रम सावनेर के प्रसंग सेलिब्रेशन हॉल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके समाजसेवा, समर्पण और सेवा कार्यों को सम्मानित करते हुए उन्हें भारत माता की मूर्ति, सम्मान चिन्ह एवं सर्टिफिकेट देकर नवाजा गया।
अपने संबोधन में सुरेखा दीदी ने कहा कि संगठन में बहुत बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने बताया कि आरएसएस का अर्थ ही संगठन है, जो समाज को जोड़कर राष्ट्र निर्माण
की दिशा में कार्य करता है।
नारी केवल एक शरीर नहीं, बल्कि वह शक्ति, शांति, प्रेम और करुणा का साकार रूप है। एक नारी ही परिवार, समाज और विश्व में संस्कारों का बीज बोती है।
ब्रह्माकुमारी सुरेखा दीदी ने समझाया की जब नारी अपनी आत्मिक शक्ति को पहचानती है, तब वह केवल अपने जीवन को ही नहीं बल्कि पूरे समाज को बदलने की शक्ति रखती है। नारी केवल एक शरीर नहीं, बल्कि वह शक्ति, शांति, प्रेम और करुणा का साकार रूप है। एक नारी ही परिवार, समाज और विश्व में संस्कारों का बीज बोती है।आज आवश्यकता है कि हर महिला अपने अंदर की आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करे। जब नारी अपने वास्तविक स्वरूप — शांति, प्रेम और शक्ति की आत्मा — को पहचान लेती है, तब वह हर परिस्थिति में दृढ़ रह सकती है।
आइए इस महिला दिवस पर हम संकल्प लें कि हम अपने जीवन में सकारात्मक सोच, आध्यात्मिकता और श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाकर समाज को एक सुंदर दिशा देंगे।
याद रखें —
“सशक्त नारी ही सशक्त समाज और सशक्त विश्व का निर्माण करती है।”
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चैतन्य नवदुर्गा दर्शन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवाकेन्द्र सावनेर आणि सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव पंचकमेटी, चिचपुरा सावनेर इनके संयुक्त विद्यामाने चैतन्य नवदुर्गा दर्शन झांकी का आयोजन कल दी . 25/09/25 को शाम 6.00 बजे किया गया था .
कार्यक्रम मे झांकी का उद्घाटन दीप प्रज्वलित करके किया गया ..
देवी के दर्शन के लिए हजारों की संख्या मे भाविक भक्त उपस्थित रहे.. सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सुरेखा दीदी ने नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा की यह देवीया शिव की शक्तीया है, जिन्होंने अपने जीवन मे शिव जी के साथ बुद्धि की तार जोड़कर शिव जी से वरदान प्राप्त किया और असुरों का संघार किया ..
आगे बताते हुए कहा की नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि आत्मिक शक्ति जागरण का अवसर है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में हर असुर अर्थात् विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार – पर विजय प्राप्त करना ही सच्चा दुर्गा बनना है।
नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि आत्मिक शक्ति जागरण का अवसर है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में हर असुर अर्थात् विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार – पर विजय प्राप्त करना ही सच्चा दुर्गा बनना है।
कमेटी के अध्यक्ष भ्राता अरविन्द जी इंगेवार , उपाध्यक्ष भ्राता दशरथ बनकर इन्होंने सभी ब्रह्माकुमारी सदस्यों का हार पहनाकर स्वागत किया अंत मे सभी को प्रसाद वितरण किया गया
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